Weather Alert News 2026: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों के लिए एक नई मौसम चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है। ठंड के प्रकोप से कुछ समय की राहत के बाद अब बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिस्थितियों के कारण कई राज्यों में मौसम अस्थिर रहेगा।
उत्तर भारत में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज
पिछले कुछ दिनों से उत्तर भारत में धूप निकलने और तापमान में मामूली बढ़ोतरी के कारण लोगों को कोहरे और शीत लहर से थोड़ी राहत मिली थी। हालांकि यह राहत अस्थायी साबित हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, वैसे ही बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इसका सीधा असर तापमान पर पड़ेगा और ठंड एक बार फिर तेज महसूस की जाएगी।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव और बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 22 जनवरी से एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत को प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बौछारें भी पड़ सकती हैं। इस दौरान तेज हवाएं चलने की भी संभावना है, जिससे ठंड का असर और बढ़ जाएगा।
उत्तर प्रदेश का मौसम: कोहरे से राहत, लेकिन बारिश की आहट
उत्तर प्रदेश में फिलहाल कोहरे की तीव्रता में कुछ कमी देखी जा रही है। अगले 48 घंटों में दृश्यता में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे यातायात व्यवस्था थोड़ी सुचारु हो सकती है। हालांकि 22 जनवरी के बाद प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहेंगे और बारिश की संभावना बढ़ जाएगी। वर्तमान में न्यूनतम तापमान में हल्की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे रात की ठिठुरन कुछ कम हुई है।
हाल के दिनों में प्रदेश में अधिकतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है। हवा की दिशा में बदलाव और बादलों की मौजूदगी के कारण फिलहाल ठंड कम महसूस हो रही है, लेकिन बारिश के बाद तापमान में गिरावट तय मानी जा रही है।
दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश का अलर्ट
राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में भी मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने यहां भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। फिलहाल घना कोहरा दिल्ली की सड़कों और रेलवे मार्गों पर यातायात को प्रभावित कर रहा है। सुबह और देर रात दृश्यता बेहद कम रहने के कारण वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दिन के समय धूप निकलने से थोड़ी राहत जरूर मिल रही है, लेकिन रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। बारिश के बाद नमी बढ़ेगी, जिससे ठंड और ज्यादा चुभने वाली महसूस हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि 26 जनवरी के बाद ही मौसम में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिलेगा।
गणतंत्र दिवस के बाद मिल सकती है राहत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, गणतंत्र दिवस के आसपास मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। 26 जनवरी के बाद बादलों की आवाजाही कम होगी और धूप खिलने की संभावना बढ़ेगी। इसके साथ ही लोगों को ठंड से वास्तविक राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि तब तक लोगों को बारिश और ठंडी हवाओं के लिए तैयार रहना होगा।
फरवरी और मार्च में भी रह सकता है ठंड का असर
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल सर्दी जल्दी विदा लेने के मूड में नहीं है। फरवरी और मार्च के महीनों में भी रुक-रुक कर ठंड का असर देखने को मिल सकता है। खासकर उत्तर भारत में रात के तापमान में गिरावट और सुबह के समय हल्की ठंड बनी रह सकती है। पश्चिमी विक्षोभ की लगातार सक्रियता इसके पीछे एक प्रमुख कारण मानी जा रही है।
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
बारिश और ठंड के इस संभावित दौर को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यात्रा करते समय मौसम की जानकारी जरूर लें और कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़ों का उपयोग करें। किसानों को भी मौसम को ध्यान में रखते हुए अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।
निष्कर्ष: सतर्कता ही है सबसे बड़ा बचाव
कुल मिलाकर, उत्तर भारत में आने वाले दिनों में मौसम अस्थिर रहने वाला है। बारिश, कोहरा और ठंड का मिला-जुला असर जनजीवन को प्रभावित कर सकता है। मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना और समय रहते तैयारी करना बेहद जरूरी है। सतर्क रहकर ही इस बदलते मौसम के प्रभाव को कम किया जा सकता है।









