Weather Alert For Citizens: उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है और इसके संकेत साफ दिखाई देने लगे हैं। ठंड के बीच थोड़ी राहत के बाद अब बारिश और खराब मौसम की नई चेतावनी सामने आई है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण कई राज्यों में बादल छाने, बारिश होने और तापमान में गिरावट की संभावना है। ऐसे में आम नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि यह बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी के साथ-साथ स्वास्थ्य और यातायात पर भी असर डाल सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम का पैटर्न
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर भारत के मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिलेगा। इस सिस्टम के प्रभाव से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में 22 जनवरी के बाद हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने की भी संभावना है, जिससे ठंड का असर और बढ़ सकता है। बादलों की आवाजाही के कारण दिन में धूप कम निकलेगी और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा आने वाले दिनों का मौसम
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिससे लोगों को रात की ठिठुरन से थोड़ी राहत मिली थी। हालांकि, यह राहत अस्थायी साबित हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में कोहरे की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन इसके बाद बादल छाने लगेंगे और बारिश की शुरुआत हो सकती है।
राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान हाल ही में सामान्य से थोड़ा अधिक रहा है, लेकिन बारिश के बाद तापमान में तेजी से गिरावट आने की संभावना है। इससे एक बार फिर सर्द हवाएं चलेंगी और ठंड का असर बढ़ेगा। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को इस दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ेगी मुश्किलें
राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में मौसम पहले से ही लोगों के लिए चुनौती बना हुआ है। घना कोहरा सुबह और रात के समय यातायात को प्रभावित कर रहा है, जिससे सड़क और रेल मार्ग दोनों पर आवाजाही धीमी हो गई है। कई ट्रेनों के लेट होने और सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ने की आशंका भी बनी रहती है।
मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के लिए बारिश की चेतावनी जारी की है। अनुमान है कि आने वाले दिनों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जिससे नमी बढ़ेगी और ठंड और ज्यादा महसूस होगी। दिन के समय धूप निकलने के बावजूद रात के तापमान में गिरावट जारी रह सकती है।
गणतंत्र दिवस के बाद ही मिल सकती है राहत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 26 जनवरी के बाद ही मौसम में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है। गणतंत्र दिवस के आसपास बादलों और बारिश की वजह से ठंड का असर बना रह सकता है, लेकिन उसके बाद आसमान साफ होने और धूप निकलने की संभावना है। अच्छी धूप से दिन के तापमान में बढ़ोतरी होगी, जिससे लोगों को ठंड से वास्तविक राहत मिलना शुरू हो सकती है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि पूरी तरह से सर्दी जाने में अभी समय लगेगा और फरवरी तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
बारिश के बाद क्यों बढ़ जाती है ठंड
अक्सर देखा जाता है कि बारिश के बाद ठंड अचानक बढ़ जाती है। इसका मुख्य कारण वातावरण में नमी का बढ़ना है। बारिश से हवा में आर्द्रता बढ़ जाती है, जिससे शरीर की गर्मी तेजी से बाहर निकलती है और ठंड ज्यादा महसूस होती है। इसके अलावा, बादलों की मौजूदगी के कारण दिन में सूर्य की किरणें जमीन तक पूरी तरह नहीं पहुंच पातीं, जिससे तापमान में गिरावट आती है।
इसी वजह से मौसम विभाग ने सलाह दी है कि बारिश के इस दौर में गर्म कपड़ों का इस्तेमाल जारी रखें और ठंड से बचाव के उपाय अपनाएं।
फरवरी और मार्च में भी रह सकता है सर्दी का असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह सर्दी अभी पूरी तरह खत्म होने वाली नहीं है। फरवरी और मार्च के महीनों में भी रुक-रुक कर ठंड का असर देखने को मिल सकता है। खासतौर पर सुबह और रात के समय ठंड महसूस की जा सकती है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश या ठंडी हवाओं के कारण मौसम फिर से ठंडा हो सकता है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौसम फसलों के लिए कुछ हद तक फायदेमंद हो सकता है, लेकिन अत्यधिक बारिश या पाला पड़ने की स्थिति में नुकसान की भी आशंका रहती है।
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम के इस बदलते मिजाज को देखते हुए आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बारिश और ठंड के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और कोहरे में ड्राइविंग करते समय फॉग लाइट का उपयोग करें। बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाने के लिए अतिरिक्त गर्म कपड़े पहनाएं और ठंडे मौसम में बाहर निकलने से बचें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए संतुलित आहार लें और शरीर को गर्म रखें।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, उत्तर भारत में आने वाले दिन मौसम के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। बारिश, कोहरा और ठंड का यह दौर लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना और समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। सही तैयारी और सतर्कता से इस बदलते मौसम का सामना आसानी से किया जा सकता है।









