IMD Weather News: फरवरी की शुरुआत के साथ ही देशभर में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। जहां एक ओर कुछ राज्यों में ठंड का असर बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज़ हो गई हैं। मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार 4, 5 और 6 फरवरी को देश के अनेक राज्यों में हल्की से लेकर भारी बारिश होने की संभावना है। इस अचानक बदलते मौसम ने किसानों से लेकर आम नागरिकों तक की चिंताओं को बढ़ा दिया है।
पिछले वर्ष मानसून के दौरान देश के कई हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ वर्षा दर्ज की गई थी। कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात देखने को मिले, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मानसून के विदा लेने के बाद भी कुछ क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला पूरी तरह थमा नहीं। अब नए साल की शुरुआत में ही बारिश का यह सक्रिय दौर यह संकेत दे रहा है कि 2026 भी वर्षा के लिहाज़ से एक महत्वपूर्ण वर्ष साबित हो सकता है।
दक्षिण भारत में बारिश का असर ज्यादा
दक्षिण भारत के कई राज्य इस समय बारिश के प्रभाव में हैं। तटीय इलाकों में नमी अधिक होने के कारण बादल लगातार सक्रिय बने हुए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के चलते इन क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रह सकती है।
केरल में लगातार बारिश की संभावना
केरल में इस बार मानसून का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा था। मानसून के आगमन के साथ ही राज्य में भारी बारिश शुरू हो गई थी, जो कई चरणों में लंबे समय तक जारी रही। मानसून के बाद भी केरल में बारिश पूरी तरह नहीं रुकी। अब फरवरी की शुरुआत में एक बार फिर यहां बारिश का जोर बढ़ने वाला है।
मौसम विभाग के अनुसार 4, 5 और 6 फरवरी को केरल के कई जिलों में तेज़ बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा की चेतावनी भी जारी की गई है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
तमिलनाडु में फिर सक्रिय होंगे बादल
तमिलनाडु में भी मानसून के दौरान अच्छी बारिश देखने को मिली थी। मानसून के बाद राज्य में रुक-रुक कर वर्षा होती रही, जिससे जलस्तर संतोषजनक बना रहा। अब मौसम के ताज़ा रुख को देखते हुए यहां एक बार फिर बादल सक्रिय हो गए हैं।
पूर्वानुमान के मुताबिक 4 से 6 फरवरी के बीच तमिलनाडु के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। खासकर तटीय और दक्षिणी जिलों में वर्षा की तीव्रता अधिक रहने की संभावना है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की जानकारी पर नज़र रखें और फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
उत्तर भारत में भी बदलेगा मौसम का मिज़ाज
अब तक ठंड और कोहरे की चपेट में रहे उत्तर भारत के कई राज्यों में भी मौसम बदलने के संकेत मिल रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण इन क्षेत्रों में बारिश के साथ-साथ तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और गुजरात के कई हिस्सों में 4, 5 और 6 फरवरी को बारिश की चेतावनी जारी की है। पहाड़ी राज्यों में ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की भी संभावना जताई जा रही है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश के साथ ठंड बढ़ सकती है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। वहीं मैदानी इलाकों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है। किसानों के लिए यह बारिश कुछ फसलों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है, लेकिन अधिक वर्षा नुकसान भी पहुंचा सकती है।
अन्य क्षेत्रों में भी बरसेंगे बादल
देश के अन्य हिस्सों में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जिससे सड़क परिवहन प्रभावित हो सकता है। लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में समुद्री गतिविधियों पर असर पड़ सकता है, इसलिए मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा पुडुचेरी, रायलसीमा, माहे और कराईकल जैसे क्षेत्रों में भी तेज़ बारिश की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव और फिसलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
आम लोगों और किसानों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। भारी बारिश की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए फसल कटाई, सिंचाई और भंडारण से जुड़े फैसले लें। अधिक वर्षा से फसलों को नुकसान हो सकता है, इसलिए समय रहते एहतियाती कदम उठाना ज़रूरी है।
निष्कर्ष
फरवरी की शुरुआत में मौसम का यह बदला हुआ रूप साफ संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में बारिश कई राज्यों को प्रभावित कर सकती है। जहां कुछ क्षेत्रों के लिए यह बारिश राहत लेकर आएगी, वहीं कुछ इलाकों में चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में मौसम से जुड़ी ताज़ा जानकारियों पर नज़र रखना और सतर्क रहना ही सबसे बेहतर उपाय है।









