Gold Price Drop News: अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जो पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ती सोने की कीमतों को देखकर अपनी शादी, गहनों की खरीद या निवेश की योजना टालते आ रहे थे, तो अब आपके लिए राहत की खबर है। यूनियन बजट 2026 के बाद सोने के बाजार में अचानक आई नरमी ने लोगों की उम्मीदें फिर से जगा दी हैं। लंबे समय से रिकॉर्ड ऊंचाई पर बने हुए सोने के भाव अब नीचे आए हैं और यही वजह है कि सर्राफा बाजारों में एक बार फिर रौनक लौटती दिखाई दे रही है।
बजट के बाद क्यों बदला सोने का मिज़ाज
बजट के बाद अक्सर बाजारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है और इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है। हाल के महीनों में सोना लगातार महंगा होता चला गया था, जिससे आम खरीदारों की पहुंच से बाहर होता जा रहा था। लेकिन बजट में हुए कुछ नीतिगत बदलाव, टैक्स स्ट्रक्चर को लेकर आई स्पष्टता और बाजार में मुनाफावसूली के कारण सोने की कीमतों में अचानक गिरावट दर्ज की गई है। यही वजह है कि प्रति 10 ग्राम सोने के दाम में करीब 11,000 रुपये तक की कमी देखने को मिली है।
जयपुर सर्राफा बाजार में आज का सोने का भाव
राजस्थान के प्रमुख सर्राफा केंद्र जयपुर में आज सोने के भाव नरमी के साथ खुले। यहां शुद्धता के आधार पर सोने की कीमतों में अंतर देखा जा रहा है।
24 कैरेट सोने का ताजा रेट
24 कैरेट सोना, जिसे सबसे शुद्ध माना जाता है और आमतौर पर निवेश के लिए खरीदा जाता है, अब पहले के मुकाबले काफी सस्ता हो गया है। जयपुर बाजार में आज 24 कैरेट सोना लगभग 1,55,650 रुपये से लेकर 1,60,770 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार करता नजर आया। यह वही सोना है, जो कुछ समय पहले तक ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच चुका था।
22 कैरेट सोना हुआ आम खरीदार की पहुंच में
अगर बात करें 22 कैरेट सोने की, जो गहनों के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है, तो इसमें भी अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली है। आज जयपुर में 22 कैरेट सोना करीब 1,43,459 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास मिल रहा है। शादी-ब्याह की तैयारी कर रहे परिवारों और युवाओं के लिए यह किसी राहत से कम नहीं है।
शादी और निवेश दोनों के लिए क्यों अहम है यह गिरावट
भारत में सोने का महत्व केवल निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी बेहद अहम माना जाता है। शादियों, त्योहारों और पारिवारिक आयोजनों में सोना खरीदना शुभ माना जाता है। पिछले कुछ महीनों से ऊंचे दामों के कारण कई लोगों ने अपनी खरीदारी टाल दी थी। अब कीमतों में आई गिरावट से ऐसे लोग दोबारा बाजार का रुख कर सकते हैं।
निवेश के नजरिए से देखें तो सोना लंबे समय से सुरक्षित विकल्प माना जाता रहा है। जब शेयर बाजार में अस्थिरता हो या वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बनी हो, तब निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं। मौजूदा गिरावट उन निवेशकों के लिए भी मौका बन सकती है, जो लंबे समय के लिए सोना खरीदना चाहते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
केवल घरेलू कारण ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई नरमी का असर भी भारतीय सोने की कीमतों पर पड़ा है। वैश्विक स्तर पर सोना अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से फिसलकर करीब 4,903 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गया है। डॉलर की चाल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक हालात भी सोने की कीमतों को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि वैश्विक संकेतों का असर सीधे भारतीय बाजार में देखने को मिलता है।
खरीदारी से पहले जान लें पूरा खर्च
सोना सस्ता हुआ है, लेकिन खरीदारी से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। केवल सोने के भाव ही आपकी कुल लागत तय नहीं करते।
जीएसटी और मेकिंग चार्ज का हिसाब
फिजिकल गोल्ड खरीदते समय सोने की कीमत पर 3 प्रतिशत जीएसटी देना होता है। इसके अलावा ज्वेलरी खरीदने पर मेकिंग चार्ज भी लगता है, जो डिजाइन और कारीगरी के हिसाब से 5 प्रतिशत से लेकर 35 प्रतिशत तक हो सकता है। कई बार लोग सिर्फ सोने के भाव देखकर खरीदारी कर लेते हैं और बाद में कुल बिल देखकर हैरान हो जाते हैं। इसलिए बेहतर है कि पहले पूरी लागत का अंदाजा लगा लें।
बिल और शुद्धता की जांच जरूरी
खरीदारी के समय हॉलमार्क और पक्के बिल की मांग जरूर करें। इससे आपको सोने की शुद्धता का भरोसा मिलेगा और भविष्य में बेचते समय भी परेशानी नहीं होगी।
क्या यह सच में ‘सही वक्त’ है सोना खरीदने का?
यह सवाल हर खरीदार और निवेशक के मन में आता है कि क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा या फिर कीमतें और गिर सकती हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि फिलहाल आई यह गिरावट एक राहत जरूर है, लेकिन लंबी अवधि में सोना अभी भी मजबूत बना हुआ है। वैश्विक आर्थिक हालात, महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारक आने वाले समय में फिर से सोने को समर्थन दे सकते हैं।
जो लोग शादी या पारिवारिक जरूरत के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, उनके लिए यह समय काफी अनुकूल माना जा सकता है। वहीं, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करें, ताकि जोखिम को संतुलित किया जा सके।
निष्कर्ष: आम आदमी के लिए राहत की खबर
कुल मिलाकर, यूनियन बजट 2026 के बाद सोने की कीमतों में आई गिरावट ने बाजार में नई ऊर्जा भर दी है। जहां एक ओर खरीदारों के चेहरे पर मुस्कान लौटी है, वहीं दूसरी ओर सर्राफा बाजार में भी चहल-पहल बढ़ने लगी है। यह गिरावट स्थायी होगी या अस्थायी, यह आने वाला समय बताएगा, लेकिन फिलहाल सोना कुछ राहत की सांस लेता नजर आ रहा है। आम आदमी के लिए इससे बेहतर खबर शायद ही कोई और हो।









