February Weather Update: उत्तर भारत में फरवरी की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अचानक करवट ले ली है। कई दिनों तक तेज धूप और साफ आसमान के बाद अब एक बार फिर बादल छाने लगे हैं। February Weather Update के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 01 से 05 फरवरी के बीच उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई जा रही है। मौसम में आए इस बदलाव का सीधा असर आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों की फसलों पर भी पड़ सकता है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम की ओर से आने वाली नम हवाएं पाकिस्तान और पंजाब के रास्ते भारत में प्रवेश कर चुकी हैं। यही सिस्टम धीरे-धीरे हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। इसके चलते अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर बना रह सकता है।
February Weather Update: क्यों बदला मौसम का मिजाज
पिछले कुछ दिनों से उत्तर भारत में मौसम लगभग साफ बना हुआ था। 23 जनवरी के बाद धूप निकलने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी गई थी, लेकिन 26 जनवरी की दोपहर के बाद अचानक बादलों की आवाजाही शुरू हो गई। इसकी मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना बताया जा रहा है।
पश्चिमी विक्षोभ एक ऐसी मौसमी प्रणाली है जो सर्दियों में उत्तर भारत में बारिश और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का कारण बनती है। इस बार यह सिस्टम अपेक्षाकृत ज्यादा सक्रिय माना जा रहा है, जिसके कारण फरवरी के पहले सप्ताह में मौसम खराब रहने के संकेत मिल रहे हैं।
इन 5 राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
February Weather Update के मुताबिक हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है, जबकि कहीं-कहीं तेज हवाओं के साथ बौछारें और ओलावृष्टि भी हो सकती है।
हरियाणा और पंजाब के कुछ जिलों में बादल घने बने रहने की आशंका है। राजस्थान के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में भी मौसम का असर दिखाई देगा। दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ठंडी हवाएं चल सकती हैं, जिससे ठिठुरन और बढ़ेगी।
तापमान में गिरावट और बढ़ेगी ठंड
बारिश और बादलों की वजह से दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। फरवरी की शुरुआत में जहां लोग मौसम के थोड़ा नरम होने की उम्मीद कर रहे थे, वहीं अब एक बार फिर गलन बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
ठंडी हवाओं के कारण सुबह और रात के समय ठंड ज्यादा महसूस हो सकती है। कुछ इलाकों में कोहरा भी देखने को मिल सकता है, जिससे दृश्यता प्रभावित होने की संभावना है।
किसानों के लिए बेहद अहम है यह मौसम अपडेट
February Weather Update किसानों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस समय रबी फसलों की स्थिति बेहद नाजुक होती है और हल्की सी लापरवाही से बड़ा नुकसान हो सकता है। यदि आपके क्षेत्र में बादल छाए हुए हैं या बारिश की संभावना है, तो कृषि कार्यों में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि बारिश के दौरान या उससे ठीक पहले कीटनाशक, खरपतवारनाशक या किसी भी प्रकार की दवाओं का छिड़काव न करें। बारिश होने पर दवा धुल जाती है और उसका असर नहीं हो पाता, जिससे लागत तो बढ़ती है लेकिन फायदा नहीं मिलता।
स्प्रे और सिंचाई को लेकर क्या करें किसान
यदि 01 से 05 फरवरी के बीच आपके इलाके में मौसम खराब रहने की संभावना है, तो बेहतर होगा कि आप स्प्रे और सिंचाई का काम कुछ दिनों के लिए टाल दें। 28 जनवरी के बाद, यानी 29 और 30 जनवरी को कुछ क्षेत्रों में मौसम साफ होने की उम्मीद जताई जा रही है। उस समय आप खाद, पानी और स्प्रे से जुड़े काम कर सकते हैं।
गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलों में इस समय संतुलित बढ़वार बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। अधिक बढ़वार को नियंत्रित करने के लिए कई किसान पीजीआर (PGR) का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसके लिए मौसम का साफ होना जरूरी है। बादल या बारिश की स्थिति में किया गया स्प्रे प्रभावी नहीं रहता।
फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी सुझाव
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम के ताजा पूर्वानुमान पर लगातार नजर बनाए रखें। यदि ओलावृष्टि की आशंका हो, तो जहां संभव हो फसलों को ढकने या नुकसान कम करने के उपाय करें। खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें ताकि बारिश का पानी जमा न हो।
इसके अलावा किसान आपस में इस मौसम जानकारी को साझा करें, ताकि सभी समय रहते सतर्क हो सकें। सही समय पर लिया गया फैसला फसलों को बड़े नुकसान से बचा सकता है।
आम लोगों को भी बरतनी होगी सावधानी
बारिश और तेज हवाओं के कारण आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। खुले में निकलते समय मौसम को ध्यान में रखें और ठंड से बचाव के उपाय करें। वाहन चालकों को फिसलन और कम दृश्यता का ध्यान रखना चाहिए।
बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर खास ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि अचानक बढ़ी ठंड से सर्दी-जुकाम और अन्य समस्याएं बढ़ सकती हैं।
निष्कर्ष
February Weather Update के अनुसार 01 से 05 फरवरी के बीच उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम अस्थिर रहने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश, तेज हवाएं और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि देखने को मिल सकती है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और ठंड बढ़ेगी।
किसानों के लिए यह समय बेहद संवेदनशील है, इसलिए कृषि कार्य मौसम को देखकर ही करें। आम लोगों को भी सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी जाती है। समय पर मिली मौसम की जानकारी न सिर्फ नुकसान से बचाती है, बल्कि सही योजना बनाने में भी मदद करती है।















