टैक्स स्ट्रक्चर में ऐतिहासिक बदलाव, अब सिगरेट खरीदना पड़ेगा भारी, 18 रु की सिगरेट होगी 72 रु की Cigarette Price Today News

By Vidya

Published On:

Cigarette Price Today News

Cigarette Price Today News: देश में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों का सेवन करने वालों के लिए आने वाला समय महंगा साबित हो सकता है। केंद्र सरकार ने 1 फरवरी 2026 से सिगरेट पर लगने वाले टैक्स ढांचे में बड़े बदलाव की घोषणा की है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद सिगरेट की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। सोशल मीडिया पर 18 रुपये की सिगरेट के 72 रुपये तक पहुंचने के दावे जरूर किए जा रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक बढ़ोतरी 15 प्रतिशत से 40 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है।

Join WhatsApp
Join Now

सरकार का यह कदम केवल राजस्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे तंबाकू सेवन को हतोत्साहित करने का भी स्पष्ट उद्देश्य है। नई टैक्स नीति के तहत अब सिगरेट पर कर की गणना पहले से अलग तरीके से की जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं और कंपनियों दोनों पर असर पड़ेगा।

सरकार ने क्यों बदला सिगरेट पर टैक्स का ढांचा

सरकार का मानना है कि भारत में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर लगने वाला टैक्स अंतरराष्ट्रीय मानकों, खासकर विश्व स्वास्थ्य संगठनों की सिफारिशों की तुलना में कम है। तंबाकू से जुड़ी बीमारियों पर होने वाला स्वास्थ्य खर्च लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में सरकार ने इन उत्पादों को महंगा बनाकर खपत कम करने की दिशा में कदम उठाया है।

यह भी पढ़े:
LPG Price Update Today महंगाई का झटका या राहत, 1 फरवरी से LPG से लेकर पेट्रोल डीजल तक बड़े बदलाव लागू, यहाँ से देरें पूरी जानकारी LPG Price Update Today

अब तक सिगरेट पर 28 प्रतिशत जीएसटी के साथ कंपनसेशन सेस लगाया जाता था। लेकिन 1 फरवरी 2026 से यह कंपनसेशन सेस पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा और उसकी जगह नई एक्साइज ड्यूटी के साथ उच्च जीएसटी दर लागू की जाएगी। इससे टैक्स सिस्टम सरल होने के साथ-साथ निगरानी भी सख्त होगी।

1 फरवरी 2026 से लागू होगी नई टैक्स व्यवस्था

नई नीति के अनुसार अब सभी सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर 40 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाएगा। इसके साथ ही एक नई स्पेसिफिक एक्साइज ड्यूटी भी लागू होगी, जो सिगरेट की लंबाई और प्रकार के आधार पर तय की जाएगी। यह बदलाव सेंट्रल एक्साइज (संशोधन) एक्ट, 2025 के तहत किया गया है।

इस नई प्रणाली का एक अहम पहलू यह है कि टैक्स की गणना अब पैकेट पर छपी अधिकतम खुदरा कीमत यानी एमआरपी के आधार पर होगी। इससे टैक्स चोरी की संभावनाएं काफी हद तक कम हो जाएंगी और सरकार को वास्तविक बिक्री के अनुसार राजस्व मिलेगा।

यह भी पढ़े:
SBI Har Ghar Lakhpati Scheme SBI ने शुरु की हट घर लखपति स्कीम, कितनी रकम जमा करनी होगी और कब मिलेंगे ₹1 लाख, फायदे और कैलकुलेशन समझें SBI Har Ghar Lakhpati Scheme

नई सिगरेट टैक्स दरों का संक्षिप्त विवरण

नई टैक्स व्यवस्था के तहत कई बड़े बदलाव किए गए हैं। प्रभावी तिथि 1 फरवरी 2026 तय की गई है। सभी सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर 40 प्रतिशत जीएसटी लागू होगा, जबकि पहले यह 28 प्रतिशत था। एक्साइज ड्यूटी अब ₹2,050 से लेकर ₹8,500 प्रति 1,000 स्टिक तक हो सकती है। बीड़ी पर जीएसटी दर को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जो पहले 28 प्रतिशत थी। कुल मिलाकर सिगरेट की कीमतों में 15 प्रतिशत से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।

सिगरेट की लंबाई के आधार पर लगेगा नया एक्साइज टैक्स

नई व्यवस्था में सिगरेट की लंबाई को टैक्स निर्धारण का आधार बनाया गया है। बिना फिल्टर वाली और 65 मिलीमीटर से कम लंबाई की सिगरेट पर लगभग ₹2,050 प्रति 1,000 स्टिक की एक्साइज ड्यूटी लगेगी। फिल्टर वाली सिगरेट, जिनकी लंबाई 70 से 75 मिलीमीटर के बीच होती है, उन पर करीब ₹5,400 प्रति 1,000 स्टिक का कर लगाया जाएगा।

वहीं प्रीमियम और अधिक लंबी सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी का बोझ और ज्यादा होगा, जो ₹8,500 प्रति 1,000 स्टिक तक पहुंच सकता है। इसका सीधा असर खुदरा कीमतों पर पड़ेगा और कंपनियों को अपनी प्राइसिंग रणनीति में बदलाव करना पड़ेगा।

यह भी पढ़े:
Breaking Weather Alert पश्चिमी विक्षोभ के असर से बदला मौसम का रुख, अगले 2 दिन तेज हवा और बारिश का अलर्ट Breaking Weather Alert

पान मसाला और चबाने वाले तंबाकू पर भी सख्ती

सरकार की नई टैक्स नीति केवल सिगरेट तक सीमित नहीं है। पान मसाला, गुटखा और अन्य चबाने वाले तंबाकू उत्पादों पर भी टैक्स का दायरा बढ़ाया गया है। इन उत्पादों के लिए अब कैपेसिटी बेस्ड लेवी सिस्टम लागू किया गया है, जिसमें टैक्स उत्पादन की मात्रा पर नहीं बल्कि मशीनों की क्षमता और गति पर आधारित होगा।

पान मसाला पर 40 प्रतिशत जीएसटी के साथ एक विशेष हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी सेस लगाया जाएगा। गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पादों पर कुल टैक्स का बोझ 88 प्रतिशत से 91 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। कंपनियों को मशीनों की संख्या और उत्पादन क्षमता के आधार पर हर महीने भारी भरकम ड्यूटी चुकानी होगी।

टैक्स चोरी रोकने के लिए सख्त निगरानी

नई नीति के तहत टैक्स चोरी पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। फैक्ट्रियों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है और सभी मशीनों का रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा। सरकार को उम्मीद है कि इस सख्ती से उन क्षेत्रों में भी टैक्स वसूली संभव हो पाएगी, जहां पहले अनियमितताओं की शिकायतें मिलती थीं।

यह भी पढ़े:
LPG Gas Cylinder Latest Price Update 14.2 किलो घरेलू गैस सिलेंडर हुआ सस्ता या महंगा, आज जारी हुए नए रेट, जानें अपने शहर का ताजा भाव LPG Gas Cylinder Latest Price Update

आम जनता और कंपनियों पर क्या पड़ेगा असर

इस फैसले के बाद सिगरेट कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। निवेशकों को आशंका है कि कीमतें बढ़ने से सिगरेट की बिक्री में गिरावट आ सकती है। उपभोक्ताओं के लिए सिगरेट खरीदना महंगा होगा, जिससे कुछ लोग बीड़ी या अवैध सिगरेट की ओर रुख कर सकते हैं।

वहीं स्वास्थ्य के नजरिए से देखा जाए तो यह फैसला सकारात्मक माना जा रहा है। सिगरेट और तंबाकू महंगे होने से इनके सेवन में कमी आ सकती है, जिससे लंबे समय में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं घटने की उम्मीद है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, 1 फरवरी 2026 से लागू होने वाली नई टैक्स व्यवस्था भारतीय तंबाकू बाजार की तस्वीर बदल सकती है। हालांकि सोशल मीडिया पर कीमतों में चार गुना बढ़ोतरी के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन वास्तविक असर कंपनियों की रणनीति और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि नुकसानदेह उत्पादों पर टैक्स बढ़ाकर न केवल राजस्व बढ़ाया जाएगा, बल्कि लोगों को स्वस्थ विकल्पों की ओर भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

यह भी पढ़े:
Bank of Baroda Recruitment 2026 बैंक ऑफ बड़ौदा में 418 पदों पर बंपर भर्ती, 1 लाख से ज्यादा सैलरी वाली सरकारी बैंक नौकरी के लिए आवेदन शुरू Bank of Baroda Recruitment 2026

डिस्क्लेमर: यह लेख विभिन्न सरकारी सूचनाओं और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। कीमतों में वास्तविक बढ़ोतरी अलग-अलग ब्रांड और पैकेट के अनुसार अलग हो सकती है। धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और यह जानकारी केवल जनहित में साझा की गई है।

Related Posts

Leave a Comment