B.Ed 1 Year Course 2026: शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए वर्ष 2026 एक बेहद महत्वपूर्ण साल साबित होने जा रहा है। करीब एक दशक के लंबे अंतराल के बाद भारत में फिर से 1 वर्षीय B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन) कोर्स की शुरुआत की गई है। यह फैसला उन लाखों छात्रों के लिए राहत लेकर आया है, जो लंबे समय से कम अवधि और कम खर्च वाले शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स की मांग कर रहे थे। अब केवल एक साल में B.Ed की डिग्री प्राप्त कर युवा अपने शिक्षक बनने के सपने को तेजी से साकार कर सकेंगे।
पिछले कई वर्षों से 2 वर्षीय B.Ed कोर्स अनिवार्य होने के कारण छात्रों को न सिर्फ अधिक समय देना पड़ता था, बल्कि फीस और अन्य खर्च भी काफी बढ़ गए थे। इसी वजह से कई योग्य छात्र शिक्षा के क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ पाए। अब 1 साल का B.Ed कोर्स दोबारा शुरू होने से यह बाधा काफी हद तक दूर हो जाएगी।
B.Ed 1 Year Course 2026 क्या है और इसका उद्देश्य
1 वर्षीय B.Ed कोर्स एक प्रोफेशनल शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसे ग्रेजुएट और पोस्ट-ग्रेजुएट छात्रों के लिए डिजाइन किया गया है। इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य कम समय में योग्य, प्रशिक्षित और आधुनिक शिक्षा प्रणाली के अनुरूप शिक्षक तैयार करना है। इसमें शिक्षण विधियों, बाल मनोविज्ञान, कक्षा प्रबंधन, मूल्यांकन तकनीकों और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर विशेष जोर दिया जाता है।
पहले यह कोर्स भारत में काफी लोकप्रिय था और बड़ी संख्या में छात्र इसे चुनते थे। हालांकि 2015 के आसपास शिक्षा प्रणाली में बदलाव के चलते इसे बंद कर दिया गया और 2 वर्षीय B.Ed को अनिवार्य कर दिया गया। अब 2026 में इसकी वापसी को शिक्षा जगत में एक सकारात्मक और व्यावहारिक सुधार के रूप में देखा जा रहा है।
10 साल बाद 1 वर्षीय B.Ed कोर्स की वापसी क्यों हुई
पिछले कुछ वर्षों में देश के सरकारी और निजी स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी लगातार महसूस की जा रही थी। वहीं दूसरी ओर, 2 साल के B.Ed कोर्स के कारण छात्रों पर समय और आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा था। कई ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र शिक्षक बनने की इच्छा के बावजूद इस कोर्स को नहीं कर पा रहे थे।
इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार और शिक्षा नियामक संस्थाओं ने 1 वर्षीय B.Ed कोर्स को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया। नई शिक्षा नीति के तहत यह कदम शिक्षा को अधिक सुलभ, लचीला और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ शिक्षकों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी, बल्कि युवाओं को जल्दी रोजगार भी मिल सकेगा।
B.Ed 1 Year Course 2026 की फीस, अवधि और मुख्य जानकारी
1 वर्षीय B.Ed कोर्स 2026 से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां इस प्रकार हैं। इस कोर्स की अवधि केवल 1 वर्ष होगी, जिसमें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों शामिल होंगे। अनुमानित फीस ₹20,000 से ₹30,000 के बीच रखी जा सकती है, जो इसे पहले की तुलना में काफी किफायती बनाती है। यह कोर्स मान्यता प्राप्त संस्थानों द्वारा कराया जाएगा और इसे NCTE के दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित किया जाएगा।
इस कोर्स को पूरा करने के बाद अभ्यर्थी सरकारी और प्राइवेट दोनों प्रकार के स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए योग्य होंगे। इसके अलावा कोचिंग संस्थान और ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म भी इनके लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
B.Ed 1 Year Course 2026 के लिए योग्यता और प्रवेश प्रक्रिया
1 वर्षीय B.Ed कोर्स में प्रवेश के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन या पोस्ट-ग्रेजुएशन उत्तीर्ण होना आवश्यक है। सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक की शर्त लागू हो सकती है, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार अंकों में छूट दी जाएगी।
प्रवेश प्रक्रिया राज्य और कॉलेज के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। कुछ संस्थान मेरिट के आधार पर दाखिला देंगे, जबकि कुछ राज्यों में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से चयन किया जा सकता है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे संबंधित राज्य या कॉलेज की आधिकारिक सूचना जरूर जांचें।
1 साल का B.Ed कोर्स करने के प्रमुख फायदे
1 वर्षीय B.Ed कोर्स 2026 छात्रों के लिए कई बड़े फायदे लेकर आया है। सबसे बड़ा लाभ यह है कि केवल एक साल में डिग्री पूरी हो जाती है, जिससे छात्र जल्दी नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। कम फीस होने के कारण यह कोर्स आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए भी सुलभ है।
इसके अलावा, यह कोर्स CTET, STET और अन्य राज्य स्तरीय TET परीक्षाओं के लिए पात्रता प्रदान करता है। इससे सरकारी शिक्षक बनने का रास्ता आसान हो जाता है। कम समय में ट्रेनिंग पूरी होने से छात्र अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर भी ध्यान दे सकते हैं।
B.Ed 1 Year Course के बाद करियर के अवसर
1 साल का B.Ed पूरा करने के बाद अभ्यर्थियों के सामने करियर के कई रास्ते खुल जाते हैं। वे सरकारी स्कूलों में प्राथमिक, माध्यमिक या उच्च माध्यमिक स्तर पर शिक्षक बन सकते हैं। निजी स्कूलों में भी प्रशिक्षित शिक्षकों की हमेशा मांग रहती है।
इसके अलावा, कोचिंग संस्थानों, ट्यूशन सेंटर्स और ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म पर भी शिक्षक के रूप में काम किया जा सकता है। अनुभव बढ़ने के साथ-साथ शिक्षक शिक्षा सलाहकार, अकादमिक कोऑर्डिनेटर, कंटेंट डेवलपर या ट्रेनर के रूप में भी आगे बढ़ सकते हैं।
1 वर्षीय और 2 वर्षीय B.Ed में क्या अंतर होगा
कई छात्रों के मन में यह सवाल होता है कि 1 साल और 2 साल के B.Ed कोर्स में नौकरी या सैलरी को लेकर कोई फर्क होगा या नहीं। यदि दोनों कोर्स मान्यता प्राप्त हैं, तो नौकरी, पद और वेतन में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। स्कूलों और सरकारी भर्तियों में दोनों को समान रूप से स्वीकार किया जाएगा।
निष्कर्ष
B.Ed 1 Year Course 2026 की वापसी शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी राहत और अवसर है। कम अवधि, कम फीस और व्यापक करियर संभावनाओं के कारण यह कोर्स बेहद आकर्षक बन गया है। यदि आप शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं और कम समय में एक मजबूत करियर की शुरुआत करना चाहते हैं, तो 1 साल का B.Ed कोर्स 2026 आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।















