Breaking Weather Alert: उत्तर प्रदेश सहित पूर्वांचल के कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से वातावरण में नमी बढ़ गई है और आसमान में बादलों की आवाजाही तेज हो गई है। मऊ जिले की बात करें तो मंगलवार सुबह से ही घने बादल छाए हुए नजर आए, जिसके कारण धूप पूरी तरह गायब रही। ठंडी और नम हवाओं ने मौसम को सुहावना तो बना दिया, लेकिन लोगों को हल्की ठंड का एहसास भी होने लगा है।
मऊ जिले में अगले 48 घंटे अहम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मऊ जिले में आने वाले 48 घंटे मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। इस दौरान तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। अनुमान है कि हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ फुहारें पड़ने के भी आसार हैं, जिससे जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हो सकता है।
तापमान में आई गिरावट, ठंड का बढ़ा एहसास
मौसम में आए बदलाव का सीधा असर तापमान पर भी देखने को मिला है। मऊ जिले में मंगलवार को अधिकतम तापमान लगभग 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले दो दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट हो सकती है। इससे सुबह और रात के समय ठंड बढ़ सकती है।
उत्तर प्रदेश में सक्रिय हैं तीन पश्चिमी विक्षोभ
केवल मऊ ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में मौसम परिवर्तन का कारण एक नहीं बल्कि तीन सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ हैं। इन पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 4 फरवरी तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव व्यापक स्तर पर देखने को मिलेगा, जिसमें वर्षा के साथ-साथ तापमान, कोहरा और हवाओं की दिशा में भी परिवर्तन शामिल है।
कैसे बन रही है मौजूदा मौसम प्रणाली
मौसम विभाग के अनुसार इस समय उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर मध्य क्षोभमंडल में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके प्रभाव से दक्षिणी हरियाणा के आसपास निचले क्षोभमंडल में एक चक्रवाती परिसंचरण विकसित हुआ है। इन दोनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बादलों की सक्रियता बढ़ गई और कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। यह प्रणाली धीरे-धीरे पूर्व की ओर बढ़ रही है, जिससे मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बारिश के आसार बन रहे हैं।
4 फरवरी तक बना रह सकता है बारिश का सिलसिला
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मौजूदा प्रणाली के बाद भी दो अन्य पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाले हैं। यही कारण है कि 4 फरवरी तक प्रदेश के कई हिस्सों में छिटपुट बारिश का दौर जारी रह सकता है। हालांकि अधिकांश क्षेत्रों में वर्षा हल्की रहने की संभावना है, लेकिन कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ फुहारें भी पड़ सकती हैं। इससे खेतों और वातावरण में नमी बढ़ेगी।
कोहरे में कमी, मौसम हुआ साफ
पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश के कई जिले घने कोहरे की चपेट में थे, जिससे जनजीवन और यातायात प्रभावित हो रहा था। लेकिन पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से हवाओं की दिशा और गति में बदलाव आया है। वायुमंडलीय अस्थिरता बढ़ने के कारण कोहरे की घनी परत में काफी कमी दर्ज की गई है। दिन के समय धूप निकलने लगी है, जिससे दृश्यता में सुधार हुआ है।
दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी
कोहरे में कमी आने का असर तापमान पर भी पड़ा है। पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजधानी लखनऊ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में भी 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे रातें पहले की तुलना में कम सर्द महसूस होंगी।
4 फरवरी के बाद फिर बदलेगा मौसम
हालांकि यह राहत ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक 4 फरवरी के बाद पश्चिमी विक्षोभों का असर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगेगा। इसके साथ ही बारिश का दौर थम सकता है और आसमान साफ होने लगेगा। साफ मौसम और शुष्क हवाओं के कारण तापमान में एक बार फिर हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है। यानी कुछ दिनों की राहत के बाद ठंड फिर से दस्तक दे सकती है।
किसानों के लिए राहत भरी खबर
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह हल्की बारिश रबी फसलों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। खासतौर पर गेहूं और सरसों की फसलों को इससे पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है। चूंकि भारी बारिश या ओलावृष्टि की संभावना नहीं है, इसलिए फसलों को नुकसान का खतरा कम बताया जा रहा है।
यातायात और स्वास्थ्य को लेकर सावधानी जरूरी
कोहरे में कमी आने से सड़क और हवाई यातायात को राहत मिली है और वाहनों की आवाजाही सामान्य हो रही है। हालांकि बारिश के दौरान सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है, इसलिए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं, तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। डॉक्टरों ने बच्चों और बुजुर्गों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनने, भीगने से बचने और अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तर प्रदेश और मऊ जिले में मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। अगले कुछ दिन बारिश, तेज हवाओं और तापमान में उतार-चढ़ाव के रहेंगे। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने, मौसम की जानकारी पर नजर बनाए रखने और आवश्यक सावधानियां बरतने की जरूरत है।









