PM Kisan Yojana Latest Update: देश के करोड़ों किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लगातार आर्थिक संबल का काम कर रही है। यह योजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों के परिश्रम और योगदान को सम्मान देने का एक मजबूत माध्यम भी बन चुकी है। जैसे-जैसे वर्ष 2026 नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे 22वीं, 23वीं और 24वीं किस्त को लेकर किसानों के बीच उत्सुकता बढ़ती जा रही है। सोशल मीडिया पर तरह-तरह की खबरें और अफवाहें भी सामने आ रही हैं, जिनके कारण भ्रम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में जरूरी है कि आधिकारिक पैटर्न और पिछले वर्षों के अनुभव के आधार पर सही जानकारी को समझा जाए।
पीएम किसान योजना का उद्देश्य और भुगतान व्यवस्था
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत वर्ष 2019 में छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल कुल 6000 रुपये की सहायता दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में किसानों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की जाती है। प्रत्येक किस्त 2000 रुपये की होती है।
सरकार ने इस योजना के लिए एक लगभग तय भुगतान चक्र अपनाया है, जिसके अनुसार किस्तें करीब चार-चार महीने के अंतराल पर जारी की जाती हैं। आमतौर पर पहली किस्त अप्रैल से जुलाई के बीच, दूसरी अगस्त से नवंबर के बीच और तीसरी दिसंबर से मार्च के बीच दी जाती है। इस नियमित व्यवस्था से किसानों को खेती से जुड़े खर्चों की योजना बनाने में काफी सुविधा मिलती है।
अब तक का अनुभव और योजना की प्रगति
अब तक पीएम किसान योजना के अंतर्गत 21 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और 11 करोड़ से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। हाल ही में जारी 21वीं किस्त नवंबर 2025 में किसानों के खातों में पहुंची थी। अब तक कुल मिलाकर 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों को हस्तांतरित की जा चुकी है। महामारी और प्राकृतिक आपदाओं जैसे कठिन समय में भी सरकार ने भुगतान में ज्यादा देरी नहीं होने दी, जिससे योजना की विश्वसनीयता और मजबूत हुई है।
22वीं किस्त कब आ सकती है: संभावित समय
22वीं किस्त को वित्तीय वर्ष 2025-26 की अंतिम किस्त माना जा रहा है। पिछले वर्षों के भुगतान पैटर्न को देखें तो यह किस्त फरवरी या मार्च 2026 के आसपास जारी हो सकती है। संभावना है कि फरवरी के अंतिम सप्ताह या मार्च की शुरुआत में यह राशि किसानों के खातों में ट्रांसफर कर दी जाए।
इस किस्त का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह रबी फसलों की कटाई से पहले किसानों को मिलती है। इस समय किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य जरूरी कृषि सामग्री के लिए धन की आवश्यकता होती है। ऐसे में 2000 रुपये की यह सहायता उनके लिए काफी राहत लेकर आती है।
22वीं किस्त में देरी के संभावित कारण
हालांकि सरकार समय पर भुगतान करने का प्रयास करती है, लेकिन कुछ तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से कई बार किसानों को किस्त मिलने में देरी हो जाती है। इनमें सबसे बड़ा कारण e-KYC का पूरा न होना है। इसके अलावा आधार और बैंक खाते में गड़बड़ी, गलत भूमि रिकॉर्ड या लाभार्थी सूची में नाम से जुड़ी त्रुटियां भी भुगतान को रोक सकती हैं।
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपनी e-KYC प्रक्रिया पूरी कर लें, बैंक खाता आधार से लिंक करवाएं और अपने भूमि रिकॉर्ड सही रखें। इससे किसी भी प्रकार की रुकावट से बचा जा सकता है।
23वीं किस्त की संभावित तारीख और महत्व
23वीं किस्त नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली किस्त होगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह अप्रैल या मई 2026 के दौरान जारी की जा सकती है। यह समय खरीफ फसलों की तैयारी का होता है, जब किसान खेतों की जुताई, बीज की खरीद और अन्य आवश्यक कार्यों में व्यस्त रहते हैं।
इस दौरान मिलने वाली किस्त किसानों को समय पर खेती शुरू करने में मदद करेगी और उन्हें साहूकारों या अन्य स्रोतों से कर्ज लेने की जरूरत कम पड़ेगी।
24वीं किस्त का अनुमानित शेड्यूल
यदि सरकार अपने निर्धारित पैटर्न पर चलती है, तो 24वीं किस्त अगस्त या सितंबर 2026 के आसपास जारी होने की संभावना है। यह किस्त वर्ष की दूसरी किस्त होगी और किसानों को मानसून के बाद की खेती और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहयोग देगी। इस तरह पूरे वर्ष में तीन किस्तों के माध्यम से किसानों को निरंतर आर्थिक सहायता मिलती रहेगी।
2026 के लिए संभावित भुगतान कैलेंडर
हालांकि सरकार ने अभी 2026 का आधिकारिक भुगतान कैलेंडर जारी नहीं किया है, लेकिन पिछले वर्षों के आंकड़ों के आधार पर एक अनुमान लगाया जा सकता है।
22वीं किस्त: फरवरी से मार्च 2026
23वीं किस्त: अप्रैल से मई 2026
24वीं किस्त: अगस्त से सितंबर 2026
किसानों को चाहिए कि वे अंतिम और सटीक जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक पोर्टल पर नजर बनाए रखें।
पात्रता और अपात्रता के नियम
पीएम किसान योजना का लाभ वही किसान उठा सकते हैं जिनके पास कृषि योग्य भूमि है और जो आयकर दाता नहीं हैं। सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी, संस्थागत भूमि धारक और बड़े किसान इस योजना के दायरे में नहीं आते। यदि किसी कारणवश नाम लाभार्थी सूची से हट गया हो, तो किसान पुनः पंजीकरण या सुधार की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर सकते हैं।
e-KYC क्यों है जरूरी
सरकार ने फर्जी लाभार्थियों को रोकने और सही किसानों तक सहायता पहुंचाने के लिए e-KYC अनिवार्य कर दिया है। बिना e-KYC के किसी भी किस्त का भुगतान नहीं किया जाता। किसान OTP, बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
किस्त का स्टेटस कैसे जांचें
किसान अपनी किस्त का स्टेटस ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आसानी से देख सकते हैं। इसके लिए उन्हें ‘Know Your Status’ विकल्प में जाकर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर डालना होता है। इसके अलावा मोबाइल ऐप, हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी CSC केंद्र की मदद से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना आज किसानों के लिए एक मजबूत सहारा बन चुकी है। 2026 में आने वाली 22वीं, 23वीं और 24वीं किस्तें किसानों की आर्थिक स्थिति को और मजबूत करेंगी। जरूरी है कि किसान समय पर e-KYC पूरा करें, अपनी जानकारी अपडेट रखें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। सही तैयारी और जागरूकता से यह योजना किसानों के भविष्य को और अधिक सुरक्षित व समृद्ध बना सकती है।















