IMD Weather Alert: देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और इसका असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई दे रहा है। कहीं सुबह की शुरुआत बारिश से हो रही है तो कहीं घने कोहरे ने आवाजाही की रफ्तार धीमी कर दी है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में ठंडी हवाओं ने सर्दी का असर बढ़ा दिया है। ऐसे हालात में लोग घर से निकलने से पहले मौसम की स्थिति जरूर देख रहे हैं कि छाता साथ लें या गर्म कपड़े ज्यादा पहनें।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक यह अस्थिरता बनी रह सकती है। उत्तर भारत के बड़े हिस्से में बदलते मौसम का असर देखने को मिलेगा और कई जगहों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
दिल्ली-NCR में बारिश और ठंडी हवाओं से बढ़ी सर्दी
दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्र में सुबह से बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की स्थिति बनी हुई है। हल्की से मध्यम वर्षा ने तापमान में गिरावट ला दी है और वातावरण में नमी बढ़ गई है। सड़कों पर फिसलन और ट्रैफिक की धीमी रफ्तार देखी जा रही है। दफ्तर जाने वाले लोगों और स्कूल जाने वाले बच्चों को भीगने और ठंड से बचाव के उपाय करने पड़ रहे हैं।
दिन के दौरान गरज-चमक के साथ और बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। सुबह के समय कई इलाकों में कोहरे की परत भी देखी गई, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई। शाम होते-होते सतही हवाएं तेज चल सकती हैं, जो ठंड के असर को और तीखा बना देंगी। न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट और अधिकतम तापमान में कमी दर्ज होने के संकेत हैं।
पश्चिमी विक्षोभ बना मौसम बदलाव की बड़ी वजह
मौसम में आए इस व्यापक बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ को मुख्य कारण माना जा रहा है। यह सिस्टम एक के बाद एक सक्रिय हो रहे हैं, जिससे उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में लगातार मौसम बदल रहा है। जैसे ही एक विक्षोभ आगे बढ़ता है, उसके पीछे दूसरा सक्रिय हो जाता है, जिससे स्थिर मौसम बनने का मौका नहीं मिल पा रहा।
इन सिस्टमों का असर सबसे पहले हिमालयी क्षेत्रों में दिखाई देता है, जहां बारिश और बर्फबारी होती है। इसके बाद ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों की ओर बढ़ती हैं और तापमान गिरने लगता है। इसी वजह से मैदानों में ठंड बढ़ रही है और कई जगह बादल और नमी का असर बना हुआ है।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और बारिश के आसार
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों में बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फ गिरने से ठंड का स्तर और ऊपर जा सकता है। इससे पर्यटन स्थलों पर जहां एक ओर रौनक बढ़ती है, वहीं दूसरी ओर सड़क मार्ग और स्थानीय आवागमन प्रभावित हो सकता है।
इन क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चलने की संभावना है, जिनकी गति 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम की खराब स्थिति को देखते हुए यात्रियों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
यूपी और बिहार में कोहरे का कहर
उत्तर प्रदेश और बिहार में फिलहाल बारिश से ज्यादा असर कोहरे का देखने को मिल रहा है। सुबह और देर रात के समय कई जिलों में घना कोहरा छा रहा है, जिससे दृश्यता काफी कम हो रही है। इसका सीधा असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर पड़ सकता है। कई जगह ट्रेनें देरी से चल रही हैं और हाईवे पर वाहन धीमी गति से आगे बढ़ रहे हैं।
वाहन चालकों को फॉग लाइट का इस्तेमाल करने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। स्कूल जाने वाले बच्चों और सुबह काम पर निकलने वालों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। कोहरे की स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि की संभावना
पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। यदि ऐसा होता है तो इसका असर फसलों पर पड़ सकता है। किसानों के लिए यह समय विशेष सतर्कता का है। खेतों में खड़ी फसल को नुकसान से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी जा रही है।
बारिश और ओले गिरने से तापमान में अचानक गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड और बढ़ेगी। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को भी मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है।
दिन ठंडे, रातें अपेक्षाकृत कम सर्द
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में एक दिलचस्प पैटर्न देखने को मिल सकता है। दिन के तापमान में गिरावट दर्ज होगी, जिससे दिन ज्यादा ठंडे महसूस होंगे। बादलों और ठंडी हवाओं के कारण धूप कम निकल सकती है। हालांकि रात के तापमान में कुछ जगह हल्की बढ़ोतरी भी संभव है, जिससे रातें बहुत ज्यादा कड़ाके की ठंड वाली नहीं रहेंगी।
उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में रात का तापमान कुछ डिग्री तक ऊपर जा सकता है, जबकि दिन के तापमान में कमी आएगी। यह अंतर लोगों को दिन और रात के मौसम में अलग अनुभव देगा।
मौसम अलर्ट को नजरअंदाज न करें
मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियां सामान्य सूचना भर नहीं हैं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। जिन राज्यों में कोहरा, तेज हवाएं, बारिश या बर्फबारी का अनुमान है, वहां लोगों को यात्रा और बाहरी गतिविधियों की योजना सोच-समझकर बनानी चाहिए।
बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष रूप से ठंड से बचाव करना चाहिए। मौसम के तेजी से बदलते रुख को देखते हुए अगले कुछ दिन सावधानी और सतर्कता के साथ बिताना ही बेहतर रहेगा।









