Cold Wave Warning: फरवरी की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत का मौसम एक बार फिर करवट ले चुका है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में मौसम अस्थिर हो गया है। कई राज्यों में तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ बारिश, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई जा रही है। आने वाले 48 घंटों के दौरान मौसम में तेज बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे तापमान में गिरावट होगी और ठंड दोबारा बढ़ेगी। कई क्षेत्रों में घना कोहरा और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बताया गया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के बड़े हिस्से में बादल सक्रिय रहेंगे। इससे दिन और रात के तापमान में अंतर कम होगा, लेकिन न्यूनतम तापमान नीचे जाने से ठिठुरन बढ़ेगी। पहाड़ी राज्यों में अगले तीन से चार दिन तक बर्फबारी और बारिश का दौर जारी रहने के संकेत हैं।
हरियाणा और पंजाब में फिर बढ़ेगी ठंड
पंजाब और हरियाणा में पिछले दिनों हुई बारिश के बाद एक और दौर आने की संभावना है। अगले दो दिनों तक दोनों राज्यों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कई जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है। तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।
पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, जालंधर, बठिंडा, कपूरथला और आसपास के जिलों में मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है। वहीं हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, नूंह और पूर्वी हिस्सों में अच्छी बारिश होने के संकेत हैं। कई स्थानों पर सुबह और रात के समय कोहरा छाया रह सकता है। न्यूनतम तापमान लगभग 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जिससे सर्दी फिर से तेज महसूस होगी।
दिल्ली-एनसीआर में गरज के साथ बारिश के आसार
राजधानी क्षेत्र और आसपास के शहरों में मौसम ने फिर से ठंडा रुख अपना लिया है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में बादल छाए रहने के साथ रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी या मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।
पहाड़ों में हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं के रूप में दिखाई देगा। इससे दिन के समय भी सर्दी बनी रहेगी। कुछ इलाकों में मध्यम से घना कोहरा भी छा सकता है। तापमान की बात करें तो न्यूनतम तापमान लगभग 10 डिग्री और अधिकतम करीब 17 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बारिश के कारण वायु गुणवत्ता में अस्थायी सुधार भी संभव है।
राजस्थान के कई हिस्सों में बादल और बारिश
राजस्थान में भी पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव दिखाई दे रहा है। राज्य के कई संभागों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर और शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में गरज के साथ बारिश हो सकती है।
कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका व्यक्त की गई है, जिससे किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हालांकि पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है। सुबह के समय हल्का कोहरा भी देखने को मिल सकता है। न्यूनतम तापमान 6 डिग्री और अधिकतम 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने के संकेत हैं।
उत्तर प्रदेश में बादल, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना
उत्तर प्रदेश में फरवरी की शुरुआत के साथ मौसम का रुख बदल गया है। पश्चिमी और कुछ मध्य जिलों में बादल सक्रिय रहेंगे और कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नोएडा, मेरठ, गाजियाबाद, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, इटावा और आसपास के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
बिजली गिरने का खतरा भी कुछ क्षेत्रों में बना रहेगा। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट होगी, जिससे ठंड फिर बढ़ेगी। सुबह के समय घना कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है। पूर्वी यूपी और बिहार के कुछ हिस्सों में बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन वहां भारी बारिश की संभावना कम बताई गई है।
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी और बारिश का दौर
हिमाचल प्रदेश में मौसम अगले कुछ दिनों तक खराब रहने के संकेत दे रहा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश हो सकती है। शिमला, मनाली, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे क्षेत्रों में बर्फ गिरने की संभावना है।
कुछ जिलों में तेज हवाएं, गरज और बिजली गिरने का भी खतरा जताया गया है। निचले इलाकों जैसे मंडी, बिलासपुर और ऊना में बादल छाए रहने और हल्की बारिश के आसार हैं। ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है।
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी का अनुमान
उत्तराखंड में भी मौसम सक्रिय हो गया है। ऊंचाई वाले जिलों में लगातार बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई गई है। चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों में वर्षा और हिमपात का अनुमान है।
प्रमुख धाम क्षेत्रों और ऊंचे पर्वतीय इलाकों में भारी बर्फबारी हो सकती है। मौसम खराब रहने से तापमान में गिरावट आएगी और दिन के समय भी ठंड बनी रहेगी। यात्रियों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में तेज बर्फबारी और तूफानी हवाएं
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में भी मौसम तेजी से बदल रहा है। कई जिलों में तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश का अनुमान है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हो सकती है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
तापमान शून्य से नीचे जाने के संकेत हैं, जिससे कड़ाके की ठंड पड़ेगी। खराब मौसम को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।









