Cyclone Montha Update: उत्तर भारत में जारी कड़ाके की ठंड के बीच अब मौसम एक बार फिर बड़ा बदलाव लेने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने Cyclone Montha Update जारी करते हुए चेतावनी दी है कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के कारण अगले 24 से 72 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाएं, ओलावृष्टि और बर्फबारी देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार कुल 13 राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है।
पहाड़ी इलाकों में भारी हिमपात और मैदानी क्षेत्रों में बारिश से ठंड का असर और तेज होने की संभावना है। वहीं दक्षिण भारत में ‘मोंथा’ तूफान के कारण तटीय इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि Cyclone Montha का असर किन राज्यों में पड़ेगा और आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
पश्चिमी विक्षोभ और Cyclone Montha से बदला मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है, जबकि बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव ‘मोंथा’ तूफान का रूप ले चुका है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से देश के अलग-अलग हिस्सों में तेज मौसमी गतिविधियां देखने को मिलेंगी।
उत्तर भारत में जहां बारिश और बर्फबारी का दौर तेज होगा, वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी वर्षा का खतरा बना हुआ है। IMD ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
पहाड़ी राज्यों में बर्फीली हवाएं और भारी बर्फबारी
उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। लगातार हो रही बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश का मौसम
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात का पूर्वानुमान है। कई क्षेत्रों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बर्फीली हवाएं चल सकती हैं। इससे सड़कों पर फिसलन बढ़ेगी और यातायात बाधित हो सकता है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड में ओलावृष्टि का खतरा
उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी जारी रहने से निचले क्षेत्रों के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार इस बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों तक महसूस किया जाएगा।
मैदानी इलाकों में बारिश और शीतलहर का प्रकोप
पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में भी मौसम बिगड़ने वाला है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओले गिरने की संभावना जताई गई है।
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में बदलेगा मौसम
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों के दौरान बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। तेज हवाओं के साथ अचानक मौसम बदलने से तापमान में गिरावट आएगी। किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में ठंड बढ़ेगी
दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में घने कोहरे के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। इससे न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज होगी और शीतलहर का असर बढ़ सकता है। सुबह और रात के समय दृश्यता कम रहने की भी संभावना है।
दक्षिण भारत में Cyclone Montha का सबसे ज्यादा असर
Cyclone Montha Update के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव अब तूफान में बदल चुका है, जिसका सीधा असर दक्षिण भारत के तटीय और आसपास के राज्यों में देखने को मिल रहा है।
तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट
तमिलनाडु के कम से कम नौ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कुछ इलाकों में जलभराव और निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है।
तटीय इलाकों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण समुद्री गतिविधियां खतरनाक हो सकती हैं। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
किसानों के लिए मौसम से जुड़ी अहम सलाह
बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का यह दौर किसानों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। खासतौर पर उन इलाकों में जहां गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलें पकने की अवस्था में हैं।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ओलावृष्टि से तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करें ताकि जलभराव न हो। इसके अलावा मौसम साफ होने तक कीटनाशकों या उर्वरकों का छिड़काव न करने की भी सिफारिश की गई है।
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
तेज बारिश, बर्फबारी और तूफानी हवाओं को देखते हुए आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग मौसम अपडेट जरूर चेक करें। वहीं शहरी इलाकों में जलभराव और फिसलन से बचने के लिए सावधानी बरतें।
बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले मैदानों से दूर रहें और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों में ही रहें।
निष्कर्ष
Cyclone Montha Update के मुताबिक आने वाले 24 से 72 घंटे देश के कई हिस्सों के लिए मौसम के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं। उत्तर भारत में बर्फबारी और बारिश से ठंड बढ़ेगी, जबकि दक्षिण भारत में ‘मोंथा’ तूफान के कारण भारी वर्षा और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है।
मौसम की इस बदली हुई स्थिति में स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी की गई सलाहों का पालन करना बेहद जरूरी है।
अस्वीकरण: यह मौसम संबंधी जानकारी भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान और उपलब्ध सैटेलाइट डेटा पर आधारित है। मौसम की परिस्थितियों में समय के साथ बदलाव संभव है, इसलिए स्थानीय मौसम अपडेट और प्रशासनिक निर्देशों पर नजर बनाए रखें।















