Weather Alert Today: उत्तराखंड की फिज़ाओं में एक बार फिर पहाड़ों की पुरानी कहानी लौट रही है—ठंडी हवाएं, भारी बादल और बर्फ से ढकी चोटियां। आज रात से प्रदेश में मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर मैदानी इलाकों से लेकर ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों तक साफ़ दिखाई देगा। इसका मतलब साफ है: बारिश, बर्फबारी, तेज़ हवाएं और ठंड में इज़ाफ़ा। पहाड़ों में रहने वाले लोग इसे सदियों से पहचानते आए हैं—जब आसमान अचानक बोझिल हो जाए और हवा में नमी भर जाए, तो समझ लीजिए मौसम बदलने वाला है।
पश्चिमी विक्षोभ की एंट्री और ठंड का पुराना मिज़ाज
मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड में आज शाम या देर रात से मौसम बिगड़ सकता है। सुबह पहाड़ी इलाकों में ज़ोरदार पाला गिरा, जिसने ठंड को और तीखा बना दिया। मैदानी जिलों में हल्का कोहरा छाया रहा, जिससे रोज़मर्रा की आवाजाही प्रभावित हुई। यह वही पुराना पहाड़ी मौसम है—धीरे-धीरे आता है, लेकिन असर गहरा छोड़ता है। पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों के लिए कोई नई बात नहीं, मगर हर बार यह अपने साथ चुनौतियां और राहत दोनों लेकर आता है।
इन जिलों में आज हो सकती है बारिश और ऊंचाई पर बर्फबारी
मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक आज उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार हैं। 3000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने की संभावना जताई गई है। पहाड़ों में रहने वाले बुज़ुर्ग कहते हैं कि फरवरी की यह पहली करवट अक्सर लंबी ठंड का संकेत होती है। खेतों, जंगलों और जलस्रोतों के लिए यह बारिश संजीवनी बनती है, मगर साथ ही भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
1 से 3 फरवरी तक पूरे प्रदेश में बारिश का दौर
मौसम विज्ञान विभाग (भारत मौसम विज्ञान विभाग) के अनुसार एक फरवरी से उत्तराखंड में बारिश का सिलसिला तेज़ हो सकता है। एक से तीन फरवरी तक राज्य के लगभग सभी जिलों में वर्षा होने की संभावना है। 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुमान है। पहाड़ों में यह समय हमेशा सतर्कता का होता है—पर्यटक हों या स्थानीय लोग, सभी को मौसम के साथ कदम मिलाकर चलना पड़ता है।
यलो अलर्ट जारी: तेज़ हवाएं और आकाशीय बिजली का खतरा
मौसम विभाग ने एक से तीन फरवरी के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। एक फरवरी को देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। पहाड़ी रास्तों पर सफ़र करने वालों के लिए यह समय सावधानी बरतने का है। पुराने लोग कहते हैं—“पहाड़ में मौसम से बहस नहीं की जाती, उसे समझकर चला जाता है।”
आगे का पूर्वानुमान: 4 से 6 फरवरी तक क्या रहेगा हाल
चार फरवरी को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में फिर से बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। पांच फरवरी को पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जिससे कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि छह फरवरी को एक बार फिर तीन पर्वतीय जिलों में बारिश-बर्फबारी का अनुमान जताया गया है। यानी फरवरी का पहला हफ्ता पूरी तरह मौसम के नाम रहने वाला है—कभी सफ़ेद बर्फ, कभी भीगी सड़कें, और कभी तेज़ हवाओं की सिसकारी।
2022 की यादें: जब फरवरी की शुरुआत में टूटा था रिकॉर्ड
मौसम विभाग ने 2022 की याद भी दिलाई है, जब फरवरी के पहले सप्ताह में उत्तराखंड में भारी बर्फबारी हुई थी। तीन फरवरी को कई इलाकों में जनजीवन ठप हो गया था। सड़कें बंद, बिजली आपूर्ति बाधित और तापमान रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था। इतिहास खुद को दोहराता नहीं, लेकिन इशारे ज़रूर करता है। यही वजह है कि प्रशासन इस बार पहले से अलर्ट मोड पर है।
प्रशासन और जनता के लिए ज़रूरी सलाह
बारिश और बर्फबारी के इस दौर में प्रशासन ने सभी ज़िलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि अनावश्यक यात्रा से बचें, मौसम अपडेट पर नज़र रखें और आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें। किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद हो सकती है, लेकिन खुले खेतों और पशुओं की सुरक्षा का ध्यान रखना ज़रूरी है। शहरों में रहने वालों के लिए सलाह है कि तेज़ हवाओं और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें।
पहाड़ों का शाश्वत सच: मौसम के साथ जीना सीखिए
उत्तराखंड का मौसम हमेशा से जीवन को अनुशासन सिखाता आया है। यहां के लोग जानते हैं कि बारिश और बर्फ सिर्फ़ चुनौती नहीं, बल्कि प्रकृति का संतुलन हैं। यह वही पानी है जो नदियों को ज़िंदा रखता है, वही बर्फ है जो गर्मियों में प्यास बुझाती है। इसलिए डर नहीं, समझदारी ज़रूरी है। आने वाले तीन दिन मौसम के नाम हैं—धीमे चलिए, सावधानी रखिए और पहाड़ों की इस पुरानी लय का सम्मान कीजिए।









