IMD Latest Weather Update 2026: गणतंत्र दिवस के बाद देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर भारत के कई राज्यों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। एक अत्यंत सक्रिय और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है, जिसका प्रभाव अब पहाड़ी इलाकों से निकलकर मैदानी राज्यों तक फैलने लगा है। इसके चलते आने वाले 72 घंटे मौसम के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं।
पश्चिमी विक्षोभ का असर और बदला हुआ मौसम मिज़ाज
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह पश्चिमी विक्षोभ सामान्य से कहीं अधिक मजबूत है। यही कारण है कि उत्तर भारत के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर जैसे इलाकों में बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। इस सिस्टम के कारण ठंडी और नम हवाएं सक्रिय हो गई हैं, जिससे ठंड का असर एक बार फिर बढ़ सकता है।
पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी का सिलसिला
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बर्फ की चादर
हिमालयी क्षेत्रों में इस पश्चिमी विक्षोभ का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिल रहा है। जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में लगातार भारी हिमपात हो रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मनाली, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। वहीं उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में भी बर्फ गिरने का क्रम जारी है।
बर्फबारी के कारण पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है और कई स्थानों पर यातायात बाधित होने की खबरें सामने आ रही हैं। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मैदानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी
दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में बदलेगा मौसम
मैदानी राज्यों की बात करें तो दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में अगले कुछ घंटों के दौरान गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। इससे तापमान में अस्थायी गिरावट देखने को मिल सकती है और ठंड बढ़ सकती है।
राजस्थान में सक्रिय मौसमी गतिविधियां
राजस्थान के जयपुर, अलवर, भरतपुर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जैसे जिलों में भी बादल घिरने लगे हैं। यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। किसानों के लिए यह समय बेहद सतर्कता का है, क्योंकि ओले फसलों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
उत्तर प्रदेश और बिहार का मौसम पूर्वानुमान
पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों जैसे मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, आगरा और मथुरा में बारिश के आसार बने हुए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि जैसे-जैसे पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ेगा, 28 और 29 जनवरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और आजमगढ़ जैसे क्षेत्रों में भी मौसम बदल सकता है।
बिहार में हल्की बारिश और ठंडी हवाएं
बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर, चंपारण और गया जैसे इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है। यह बारिश रबी की फसलों के लिए कुछ हद तक फायदेमंद साबित हो सकती है। हालांकि झारखंड और पश्चिम बंगाल में फिलहाल बारिश की संभावना कम है, लेकिन वहां भी ठंडी हवाओं का असर बना रहेगा।
सराफा बाजार में हलचल और सोने-चांदी के नए रिकॉर्ड
मौसम की उठापटक के बीच आर्थिक मोर्चे पर भी बड़ी खबर सामने आई है। वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और निवेशकों की सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ती दिलचस्पी के चलते सराफा बाजार में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार सोने की कीमतें पहली बार 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गई हैं। चांदी के दामों में भी तेज उछाल दर्ज किया गया है।
इस तेजी का सीधा असर आम ग्राहकों पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव और आर्थिक अस्थिरता के कारण आने वाले दिनों में कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
किसानों के लिए विशेष कृषि सलाह
अगले 72 घंटे क्यों हैं अहम
मौसम विभाग ने किसानों को अगले 72 घंटों के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बारिश और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है। जिन क्षेत्रों में ओले गिरने की आशंका है, वहां फसलों को ढकने या अन्य सुरक्षात्मक उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
पाले की चेतावनी और फसल सुरक्षा
29 जनवरी के बाद उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के तेज होने से तापमान में तेजी से गिरावट आ सकती है। राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में पाला पड़ने की संभावना जताई गई है। सरसों, आलू, टमाटर और अन्य सब्जी फसलों को ठंड से बचाने के लिए हल्की सिंचाई, धुआं करने और अन्य पारंपरिक उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है।
शीतलहर और कोहरे की वापसी
तापमान में गिरावट और दृश्यता पर असर
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ते ही मैदानी इलाकों में एक बार फिर शीतलहर का प्रकोप देखने को मिल सकता है। राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा सकती है। सुबह और देर रात के समय घना कोहरा छाने की आशंका है।
कोहरे के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने और जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
आम नागरिकों के लिए जरूरी सलाह
खराब मौसम को देखते हुए आम नागरिकों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, खुले में अनावश्यक समय न बिताएं और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखें। आने वाले कुछ दिन मौसम और स्वास्थ्य दोनों ही दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।









