Sariya Cement Price Update: महंगाई के इस दौर में अपने खुद के घर का सपना देखना मिडिल क्लास परिवारों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं रहा है। वर्षों से लोग जमीन तो ले लेते हैं, लेकिन निर्माण सामग्री की लगातार बढ़ती कीमतें घर बनाने की हिम्मत तोड़ देती हैं। सरिया, सीमेंट, बालू, गिट्टी और अन्य जरूरी सामान के दाम जिस तेजी से बढ़े, उसने आम आदमी के बजट को पूरी तरह हिला दिया। लेकिन अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। हालिया कीमतों में आई गिरावट ने एक बार फिर उम्मीद जगा दी है कि घर बनाना अब पहले के मुकाबले थोड़ा आसान हो सकता है।
निर्माण सामग्री की कीमतों में आई बड़ी राहत
हाल के महीनों में सरकार द्वारा लिए गए कुछ अहम फैसलों का असर सीधे निर्माण सामग्री की कीमतों पर पड़ा है। खासतौर पर सरिया और सीमेंट जैसे मुख्य सामान पर टैक्स ढांचे में बदलाव किए गए, जिससे बाजार में इनके दाम नीचे आए। पहले जहां इन सामग्रियों पर भारी जीएसटी दरें लागू थीं, अब उनमें कटौती होने से लागत में कमी आई है। इसका फायदा सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है। सीमेंट की बात करें तो पहले 50 किलो की एक बोरी जहां 450 से 470 रुपये के बीच बिक रही थी, वहीं अब कई इलाकों में यही बोरी 420 से 430 रुपये के आसपास मिल रही है। यह गिरावट छोटी लग सकती है, लेकिन पूरे घर के निर्माण में दर्जनों बोरियों की जरूरत होती है, ऐसे में कुल खर्च में अच्छी-खासी बचत हो जाती है।
सरिया के दामों में भी आई उल्लेखनीय गिरावट
सरिया, जिसे घर की रीढ़ कहा जाता है, उसकी कीमतें भी लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई थीं। कुछ समय पहले तक प्रति टन सरिया के दाम आसमान छू रहे थे, लेकिन अब इनमें भी गिरावट दर्ज की गई है। अलग-अलग ब्रांड और क्वालिटी के अनुसार कीमतों में फर्क जरूर है, लेकिन औसतन प्रति टन 1200 से 2000 रुपये तक की कमी देखी जा रही है। इस गिरावट का असर खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है, जिन्होंने निर्माण कार्य सिर्फ इसलिए टाल रखा था क्योंकि सरिया बजट से बाहर हो चुका था। अब वही लोग दोबारा अपने प्लान पर काम शुरू कर रहे हैं।
अलग-अलग शहरों में सरिया के ताजा भाव
देश के बड़े शहरों और छोटे कस्बों में सरिया की कीमतों में थोड़ा अंतर स्वाभाविक है, लेकिन गिरावट लगभग हर जगह देखने को मिल रही है। दिल्ली जैसे महानगर में जहां पहले सरिया करीब 42 से 43 हजार रुपये प्रति टन तक पहुंच चुका था, वहीं अब यह घटकर लगभग 40 से 41 हजार रुपये प्रति टन के आसपास आ गया है। मुंबई में भी कीमतों में नरमी आई है और यहां सरिया के भाव पहले के मुकाबले करीब 800 से 1500 रुपये प्रति टन तक कम हुए हैं। चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे शहरों में भी यही रुझान देखने को मिल रहा है। छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में तो कई जगहों पर यह कमी और भी ज्यादा महसूस की जा रही है।
सीमेंट के भाव में कमी का सीधा असर निर्माण लागत पर
सीमेंट हर निर्माण कार्य का आधार होता है। चाहे नींव हो, छत हो या प्लास्टर, हर जगह सीमेंट की जरूरत पड़ती है। ऐसे में इसकी कीमत में थोड़ी सी कमी भी कुल लागत को काफी हद तक कम कर देती है। वर्तमान में कई राज्यों में सीमेंट के दाम स्थिर बने हुए हैं या पहले के मुकाबले नीचे आए हैं, जिससे घर बनवाने वालों को सीधी राहत मिली है।
सस्ता सरिया और सीमेंट होने से किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा
इस कीमत गिरावट का सबसे बड़ा फायदा मिडिल क्लास और लोअर मिडिल क्लास परिवारों को मिलेगा। जो लोग वर्षों से घर बनाने का सपना सिर्फ खर्च की वजह से टाल रहे थे, उनके लिए यह सही मौका साबित हो सकता है। इसके अलावा छोटे ठेकेदारों, राजमिस्त्रियों और मजदूरों के लिए भी यह अच्छी खबर है, क्योंकि निर्माण कार्य बढ़ने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। ग्रामीण इलाकों में जहां लोग सीमित बजट में पक्का मकान बनाना चाहते हैं, वहां यह गिरावट और भी ज्यादा मायने रखती है। कम लागत में बेहतर निर्माण संभव होने से लोग गुणवत्ता से समझौता किए बिना काम करवा सकेंगे।
अपने शहर में सरिया और सीमेंट के ताजा रेट कैसे पता करें
अगर आप अपने इलाके में सरिया और सीमेंट के मौजूदा भाव जानना चाहते हैं, तो इसके लिए कई आसान तरीके मौजूद हैं। सबसे पहले आप नजदीकी बिल्डिंग मटेरियल की दुकान से सीधे जानकारी ले सकते हैं। स्थानीय दुकानदार आमतौर पर ताजा रेट और ब्रांड के अनुसार कीमत बता देते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन भी कई प्लेटफॉर्म और वेबसाइट उपलब्ध हैं, जहां शहर या पिन कोड डालकर मौजूदा भाव देखे जा सकते हैं। रोजाना रेट पर नजर रखने से आप सही समय पर खरीदारी कर सकते हैं और अतिरिक्त खर्च से बच सकते हैं।
क्या यह घर बनाने का सही समय है
मौजूदा हालात को देखें तो कहा जा सकता है कि यह समय घर बनाने की योजना शुरू करने के लिए अनुकूल है। हालांकि बाजार की कीमतें समय-समय पर बदलती रहती हैं, लेकिन फिलहाल जो राहत देखने को मिल रही है, वह लंबे समय बाद आई है। समझदारी इसी में है कि खरीदारी करने से पहले अलग-अलग दुकानों के रेट की तुलना की जाए और गुणवत्ता से समझौता न किया जाए। कुल मिलाकर, सरिया और सीमेंट की कीमतों में आई यह नरमी उन लाखों लोगों के लिए उम्मीद की किरण है, जो अपने सपनों का घर बनाना चाहते हैं। सही योजना, सही समय और सही जानकारी के साथ अब यह सपना पहले से कहीं ज्यादा करीब नजर आ रहा है।









